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Kargil Vijay Diwas (कारगिल विजय दिवस): India celebrates 22 years of Victory

कारगिल विजय दिवस: शौर्य और पराक्रम के पूरे हुए 22 साल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दि शहीदों को श्रद्धांजलि

कारगिल युद्ध के 22 साल पूरे होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद जवानों को “नेशनल वॉर मेमोरियल” पर कारगिल में शहीद हुए सभी सैनिकों को एवं उनके बलिदानों को याद करते हुए श्रधांजलि अर्पण किया।
इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शहीदों के पराक्रम और बलिदान की गाथा को सुनाते हुए एक वीडियो जारी की, जिसमें उन्होंने कारगिल युद्ध में शहीद हुए सभी जवानों को श्रद्धांजलि दी।

भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी घुसपैठियों के छुड़ाए थे छक्के:

22 वर्ष पूर्व 26 जुलाई 1999 को आज के ही दिन भारतीय सैनिकों ने कारगिल युद्ध में पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर पानी फेरते हुए “ऑपरेशन विजय” चलाकर कारगिल पर विजय हासिल किया था।

60 दिनों तक चलने वाले इस लंबे युद्ध में विजय हासिल करते हुए देश के बहुत से बहादुर सैनिकों ने अपनी जानें गंवाई। उन्होंने अपने देश की सीमा एवं हमारी सुरक्षा में अपने जान न्योछावर करते हुए अपना सर्बोचय बलिदान दिया था।
1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद भी कई सैन्य संघर्ष होता रहा। दोनों देशों द्वारा परमाणु परीक्षण के कारण तनाव और बढ़ गया था। स्थिति को शांत करने के लिए दोनों देशों ने फरवरी 1999 में लाहौर में घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए। जिसमें कश्मीर मुद्दे को द्विपक्षीय वार्ता द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से हल करने का वादा किया गया था। लेकिन पाकिस्तान ने अपने सैनिकों और अर्ध-सैनिक बलों को छिपाकर नियंत्रण रेखा के पार भेजने लगा और इस घुसपैठ का नाम “ऑपरेशन बद्र” रखा था। इसका मुख्य उद्देश्य कश्मीर और लद्दाख के बीच की कड़ी को तोड़ना और भारतीय सेना को सियाचिन ग्लेशियर से हटाना था। पाकिस्तान यह भी मानता है कि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के तनाव से कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने में मदद मिलेगी।
प्रारम्भ में इसे घुसपैठ मान लिया गया था, और दावा किया गया कि इन्हें कुछ ही दिनों में बाहर कर दिया जाएगा। लेकिन नियंत्रण रेखा में खोज के बाद और इन घुसपैठियों के नियोजित रणनीति में अंतर का पता चलने के बाद भारतीय सेना को अहसास हो गया कि हमले की योजना बहुत बड़े पैमाने पर किया गया है।
इसके बाद भारत सरकार ने ऑपरेशन विजय नाम से 2,00,000 सैनिकों को भेजा। यह युद्ध आधिकारिक रूप से 26 जुलाई 1999 को समाप्त हुआ। इस युद्ध के दौरान 550 सैनिकों ने अपने जीवन का बलिदान दिया और 1400 के करीब घायल हुए थे।

आज कारगिल युद्ध को 22वर्ष पूरे हो चुके हैं और यह बेहद गौरव की बात है कि देश इस युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों को विजय दिवस मनाकर याद कर रहा है। देश का सैनिक जब सरहद पर होता है तो मातृभूमि ही उसके लिए उसका घर परिवार आदि सबकुछ होता है, इसकी हिफाज़त के लिए वह अपने प्राणों तक का बलिदान दे देता है। विजय दिवस एक दिवस मात्र ही नहीं यह सभी देशवासियों के लिए प्रेरणा दिवस भी है।

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