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सीएम योगी से बात करने के बाद धामी खोल सकते हैं शिवभक्तों के लिए देवभूमि का ‘द्वार’

उत्तराखंड की धामी सरकार शिवभक्तों के लिए देवभूमि के ‘द्वार’ खोल सकती है। मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से टेलीफोन पर बात की थी। उसके बाद अब सीएम योगी ने एक बार फिर धामी से बात की है। दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच इसी महीने होने वाली ‘कांवड़ यात्रा’ को लेकर बात हुई है। अब माना जा रहा है उत्तराखंड सरकार कांवड़ यात्रा पर लगी प्रतिबंध हटा सकती है। गौरतलब है कि इससे पहले यूपी सरकार ने 25 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू करने का एलान किया था। ‘अब सीएम योगी ने धामी से अपील की है कि सीमित संख्या में कांवड़ियों को हरिद्वार जाने की इजाजत दी जाए’। योगी से बात करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज कांवड़ यात्रा को लेकर बैठक भी कर रहे हैं। ‘धामी ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि किसी तरह श्रद्धालु निराश न होने पाएं’। जब यह पूछा गया कि क्या उत्तराखंड सरकार इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की सलाह लेने की तैयारी कर रही है तो धामी ने कहा कि ‘यह यूपी और उत्तराखंड के बीच का मामला है। यूपी के सीएम और मैंने इस मुद्दे पर दो बार बात की है। अगर जरूरत पड़ी तो मैं उनसे इस मामले में फिर बात करूंगा। अब शिव भक्तोंं की ‘निगाहें’ उत्तराखंड सरकार के फैसले पर लगी हुई है। बता दें कि अभी कुछ दिनों पहले ही तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उत्तराखंड में इस बार कांवड़ यात्रा को लेकर ‘रोक’ लगा दी थी। जिसके बाद इन राज्यों के भोले भक्तों में ‘मायूसी’ छाई हुई थी। ‘उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में दोनों राज्यों की सरकारें नहीं चाहती कि कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाकर शिव भक्तों को नाराज किया जाए’। लेकिन पिछले दिनों उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन के बाद नए मुख्यमंत्री बने पुष्कर सिंह धामी कावड़ यात्रा पर लगी रोक को हटाने के ‘मूड’ में है। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में शिव भक्तों को कांवड़ यात्रा शुरू करने के लिए हरी झंडी दे दी है। यूपी में 25 जुलाई से शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाने को लेकर भी निर्देश दिए हैं। योगी ने कहा कि पड़ोसी राज्यों उत्तराखंड, बिहार और हरियाणा के साथ संवाद स्थापित कर यात्रा को पूरा किए जाने के निर्देश दिए हैं । बता दें कि योगी सरकार हर साल कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के लिए विशेष इंतजाम करती है। हेलिकॉप्टर से फूलों की वर्षा के साथ ही रास्ते में जगह-जगह पर पानी और खाने के साथ आराम की सुविधा भी मुहैया कराई जाती है। उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को योगी के शुरू करने के फैसले के बाद धामी देवभूमि में कांवड़ यात्रा शुरू करने पर फैसला कर सकते हैं। मुख्यमंत्री बनते ही पुष्कर ने ताबड़तोड़ फैसले लेने शुरू कर दिए हैं । धामी राज्य के बंद पड़े पर्यटन उद्योगों को भी जल्द गुलजार करना चाहते हैं। इसके साथ उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा शुरू करने के सभी पहलुओं पर विचार कर रही है। गौरतलब है कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कांवड़ यात्रा पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। पूर्व में कुंभ के आयोजन से सरकार की चारों तरफ किरकिरी हुई थी और देश में दूसरी लहर का जिम्मेदार भी उत्तराखंड सरकार द्वारा कुंभ आयोजन को ठहराया गया था। हरिद्वार महाकुंभ के दौरान लाखों फर्जी कोविड टेस्ट की जांच भी अभी चल रही है। बता दें कि साल 2020 में कोरोना महामारी की पहली लहर में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारों ने कांवड़ यात्रा रद कर दी थी। इसके बाद शिवभक्तों में नाराजगी भी देखी गई थी। लेकिन इस बार सीएम योगी और धामी विधान सभा चुनाव की तैयारियों के बीच इस यह धार्मिक आयोजन पर रोक लगा कर किसी को नाराज करना नहीं चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि हर साल लाखों श्रद्धालु श्रावण मास में कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। इसमें मुख्य रूप से हरियाणा, यूपी, दिल्ली और राजस्थान के शिव भक्त शामिल होते हैं।

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