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मोदी मंत्रिमंडल विस्तार से पहले आज होगी कैबिनेट बैठक, नए चेहरे हो सकते हैं मंत्री मंडल में शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी। ये बैठक केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चाओं के बीच आयोजित की जा रही है। इस वजह से ये बैठक काफी अहम मानी जा रही है और सभी की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं।
सूत्रों की मानें तो इसी महीने के अंत तक मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है।
बता दें की 2019 में दोबारा एनडीए सरकार बनने के बाद से मंत्रिमंडल विस्तार नहीं किया गया है। शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल के एनडीए से बाहर जाने और एलजेपी कोटे से रामविलास पासवान के निधन के कारण कैबिनेट में जगह खाली है। इस वजह से मंत्रिमंडल विस्तार की मांग उठ रही है। इस संदर्भ में पीएम मोदी के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की लंबी बैठक भी हो चुकी है जिसमें पीएम मोदी ने मंत्रियों के कार्य की समीक्षा भी की थी।सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल में दो बातों का विशेष ख्याल रखा जा रहा है, पहला 2022 में उत्तर प्रदेश समेत 6 राज्यों में होने वाला विधानसभा चुनाव और दूसरा एनडीए के कुनबे को बढ़ाने पर जोर।
माना जा रहा है उत्तर प्रदेश से 3, उत्तराखंड से 1, गुजरात से 1, गोवा से 1, हिमाचल प्रदेश से 1 और पंजाब से 1 नए चेहरे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में मौका मिल सकता है. जबकि क्षेत्रीय दलों को भी इस बार साधने की तैयारी है।
वहीं सूत्रों की माने तो एनडीए का प्रमुख सहयोगी दल होने के बावजूद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में जेडीयू की भागीदारी नहीं हैं।माना जा रहा है कि संभावित कैबिनेट विस्तार में जेडीयू के दो नेताओं को मौका मिल सकता है। पीएम मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुँचना भी कई बातों को हवा दे रहा है। इन चेहरों को मिल सकता है मौका-

यूपी के पूर्वांचल से एक ब्राह्मण चेहरे को मौका मिल सकता है, क्योंकि मोदी सरकार-1 में कलराज मिश्र और शिवप्रताप शुक्ल मंत्री रह चुके हैं। लेकिन उनके बाद से मोदी सरकार-2 में गोरखपुर बेल्ट से किसी को मौका नहीं मिला।

जबकि-
शिवप्रताप शुक्ल
हरीश द्विवेदी
रमापतिराम त्रिपाठी
सीमा द्विवेदी
विजय दुबे
रविकिशन शुक्ल
बांदा से सांसद आरके सिंह पटेल
दलित चेहरे के लिए पूर्व आईपीएस
दलित नेता बृजलाल
विनोद सोनकर
या बीपी सरोज में से किसी एक की लॉटरी लग सकती है।

सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल में दो बातों का विशेष ख्याल रखा जा रहा है, पहला 2022 में उत्तर प्रदेश समेत 6 राज्यों में होने वाला विधानसभा चुनाव और दूसरा एनडीए के कुनबे को बढ़ाने पर जोर।
माना जा रहा है उत्तर प्रदेश से 3, उत्तराखंड से 1, गुजरात से 1, गोवा से 1, हिमाचल प्रदेश से 1 और पंजाब से 1 नए चेहरे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में मौका मिल सकता है. जबकि क्षेत्रीय दलों को भी इस बार साधने की तैयारी है।
वहीं सूत्रों की माने तो एनडीए का प्रमुख सहयोगी दल होने के बावजूद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में जेडीयू की भागीदारी नहीं हैं।माना जा रहा है कि संभावित कैबिनेट विस्तार में जेडीयू के दो नेताओं को मौका मिल सकता है। पीएम मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुँचना भी कई बातों को हवा दे रहा है। इन चेहरों को मिल सकता है मौका-

यूपी के पूर्वांचल से एक ब्राह्मण चेहरे को मौका मिल सकता है, क्योंकि मोदी सरकार-1 में कलराज मिश्र और शिवप्रताप शुक्ल मंत्री रह चुके हैं। लेकिन उनके बाद से मोदी सरकार-2 में गोरखपुर बेल्ट से किसी को मौका नहीं मिला।

जबकि-
शिवप्रताप शुक्ल
हरीश द्विवेदी
रमापतिराम त्रिपाठी
सीमा द्विवेदी
विजय दुबे
रविकिशन शुक्ल
बांदा से सांसद आरके सिंह पटेल
दलित चेहरे के लिए पूर्व आईपीएस
दलित नेता बृजलाल
विनोद सोनकर
या बीपी सरोज में से किसी एक की लॉटरी लग सकती है।


यूपी से कौन-
यूपी के दो क्षेत्रीय दल अपना दल और निषाद पार्टी के एक-एक नेता को भी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। ऐसा हुआ तो अनुप्रिया पटेल और प्रवीण निषाद को मंत्रिमंडल में शामिल किया जायेगा। इससे न केवल ओबीसी वोटरों में पकड़ मजबूत होगी बल्कि एनडीए का कुनबा बढ़ेगा।


उत्तराखंडखंड से कौन-
उत्तराखंड से अनिल बलूनी या अजय टम्टा में से किसी एक को शामिल किया जा सकता है।


पंजाब से कौन-
पंजाब से दलित नेता केंद्र सरकार में राज्यमंत्री सोमनाथ को प्रमोशन मिल सकता है।


मध्य प्रदेश से कौन-
मध्य प्रदेश से ज्योतिरादित्य सिंधिया, छत्तीसगढ़ से रमन सिंह या सरोज पाण्डेय में से एक को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।


किनका प्रमोशन हो सकता है-
पश्चिम बंगाल से निशीथ प्रामाणिक या दिलीप घोष
हिमाचल प्रदेश से मंत्रिमंडल में शामिल अनुराग ठाकुर को प्रमोट कर स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है।
असम से पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।

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