बुधवार, दिसम्बर 8Digitalwomen.news

थर्डवेव की चेतावनी: कोरोना के नए वेरिएंट ‘डेल्टा प्लस’ ने उड़ाई नींद, मास्क लगाना मत भूलना

तारीख 21 जून, दिन सोमवार को देश में रिकॉर्ड तोड़ वैक्सीनेशन किया गया। एक दिन में 85 लाख से अधिक कोरोना वायरस टीके लगाने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इसके बात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सराहना भी की गई। लेकिन उसी दिन एक और खबर ने देशवासियों की ‘नींद उड़ा’ दी। यहां हम आपको बता दें कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर अभी ठीक प्रकार से देश में खत्म भी नहीं हुई है कि तीसरी लहर की अब केंद्र और राज्य सरकारों ने तैयारी शुरू कर दी है। पिछले दिनों से केंद्र सरकार और महामारी के एक्सपर्ट और विशेषज्ञ तीसरी लहर आने की चेतावनी जारी कर रहे हैं। यानी अब देश को एक और कोरोना के नए वेरिएंट का सामना करना पड़ेगा। हालांकि अभी निश्चित नहीं है यह ‘थर्डवेव’ कब से शुरू होगी। इसमें अलग-अलग मत सामने आए हैं। किसी ने अगस्त-सितंबर तो किसी ने अक्टूबर से शुरू होने की बात कही है। महामारी के नए वेरिएंट ‘डेल्टा प्लस’ ने अब बेचैनी बढ़ा दी है । इसी वेरिएंट को अबकी बार तीसरी लहर का जिम्मेदार माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट देश में कोरोना की तीसरी लहर का कारण बन सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को कहा कि यह वेरिएंट दुनिया के 9 देशों, ब्रिटेन, अमेरिका, जापान, रूस, भारत, पुर्तगाल, स्विटजरलैंड, नेपाल और चीन में मिला है। भारत में अब तक डेल्टा प्लस वेरिएंट के 40 से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं, जिसमें सर्वाधिक मामले महाराष्ट्र में हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डेल्टा प्लस ‘वेरियंट ऑफ कंसर्न’ है। फिलहाल, डेल्टा प्लस वेरियंट के मामले सिर्फ तीन राज्यों केरल, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में ही नही हैं। ये दूसरे राज्यों में भी पाए जा रहे हैं । अभी तक महाराष्ट्र में 21, मध्य प्रदेश में 6, केरल में 3, पंजाब में 1, तमिलनाडु में 3 और आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में 1-1 मरीज मिले हैं। ‘राजेश भूषण ने कहा कि कोई भी वेरिएंट मास्क को पार नहीं कर पाता है। ऐसे में मास्क सभी को पहनना जरूरी है’। भूषण ने कहा कि डेल्टा वेरिएंट पर दोनों भारतीय वैक्सीन असरदार हैं। कितनी एंटीबॉडी बना रहे हैं इसकी जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी। वहीं नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने बताया कि अभी यह वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट की श्रेणी में है। राज्यों को चिट्ठी लिखकर बताया गया है कि उन्हें कैसे डेल्टा प्लस वेरिएंट को डील करना है।

तीसरी लहर को रोकने के लिए आओ हो जाए अनुशासित–

बता दें कि महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग ने पिछले सप्ताह एक प्रेसेंटेशन दिया था जिसमें कहा था कि संक्रमण का नया स्वरूप ‘डेल्टा प्लस’ राज्य में कोविड-19 की तीसरी लहर का कारण बन सकता है। अभी तक जितने भी वेरिएंट आए हैं, डेल्टा उनमें सबसे तेजी से फैलता है। अल्फा वेरिएंट भी काफी संक्रामक है, लेकिन डेल्टा इससे 60 पर्सेंट अधिक संक्रामक है। डेल्टा से मिलते-जुलते कप्पा वेरिएंट भी वैक्सीन को चकमा देने में कामयाब दिखता है, लेकिन फिर भी यह बहुत ज्यादा नहीं फैला, जबकि डेल्टा वेरिएंट सुपर-स्प्रेडर निकला। देश में कोरोना वायरस की खतरनाक दूसरी लहर इसी डेल्टा वेरिएंट के चलते आई थी। तेजी से फैलने वाला डेल्टा वेरिएंट अब डेल्टा प्लस में तब्दील हो गया है। हालांकि अब कोरोना संक्रमण का ग्राफ देश में गिरने लगा है । लेकिन कोरोना की तीसरी लहर को लेकर एक्सपर्ट्स व डॉक्टरों द्वारा प्रतिदिन सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। एक बार फिर कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट ने फिर चिंता को बढ़ा दिया है। डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर अभी ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। केंद्र सरकार के पास भी इसके बारे में अभी बहुत कुछ पता नहीं है। इसे लेकर अध्ययन हो रहे हैं। केंद्र सरकार इस वेरिएंट के प्रसार को रोकने के लिए उसके मामलों की बारीकी से निगरानी कर रही है। सरकार के मुताबिक अगर कोरोना को लेकर लोग उचित व्यवहार करें तो वायरस के प्रसार में कमी आ सकती है। सरकारी ओर से कहा गया है कि कोरोना की तीसरी लहर को रोकना हमारे हाथों में है। अगर हम अनुशासित रहते हैं, कोरोना से बचाव के नियमों का उचित तरीके से पालन करते हैं और ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगा दी जाती है तो तीसरी लहर को आने से रोका जा सकता है। कोरोना महामारी की गाइडलाइन मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजर और भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचना है। स्वयं सुरक्षित रहें और लोगों को भी करें।

Leave a Reply

%d bloggers like this: