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देश में फ्री वैक्सीनेशन की घोषणा के बाद कांग्रेस ने कहा- पीएम मोदी हमारी सलाह पहले मान लेते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर पूरे देश भर में सोमवार दोपहर से ही चर्चा शुरू हुई, जो अभी तक जारी है । खास तौर पर सोशल मीडिया में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रहीं हैं । विरोधियों ने राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान ही सोशल मीडिया पर नरेंद्र मोदी से प्रधानमंत्री के पद से ‘इस्तीफा’ देने की मांग भी कर डाली । वहीं कांग्रेस के नेता भी पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर तंज कसते रहे । दूसरी ओर भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शिवराज सिंह चौहान समेत आदि पार्टी के नेताओं ने पीएम मोदी के देश में ‘फ्री वैक्सीनेशन’ की जाने पर प्रशंसा की । बात को आगे बढ़ाने से पहले बता दें कि सोमवार शाम 5 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देश को संबोधित किया। ‘अपने लगभग 30 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री ने 22 मिनट तक वैक्सीनेशन को लेकर ही चर्चा की’। इस मौके पर ‘पीएम मोदी ने दो बड़ी घोषणाएं की। पहली, सभी राज्यों को अब केंद्र की ओर से मुफ्त वैक्सीन दी जाएगी, राज्यों को अब इसके लिए कुछ खर्च नहीं करना पड़ेगा। दूसरी, देश के 80 करोड़ गरीब लोगों को दिवाली तक मुफ्त राशन दिया जाएगा’ । लेकिन सबसे अधिक उनका वैक्सीनेशन पर ‘फोकस’ रहा। ‘देश को संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर वैक्सीन को लेकर निशाना भी साधा, उन्होंने कहा जब से भारत में वैक्सीन पर काम शुरू हुआ है तभी से कुछ लोगों ने ऐसी बातें कहीं, जिससे आम लोगों के मन में शंका पैदा हुई’। पीएम मोदी ने कहा कि देश में वैक्सीन को लेकर अफवाह फैलाई गई । बता दें कि ‘प्रधानमंत्री मोदी ने आज राष्ट्र के संबोधन के दौरान वैक्सीनेशन को लेकर अपनी सरकार की सराहना भी की, इसके साथ उन्होंने कोरोना संकटकाल से निपटने में भी केंद्र सरकार के किए गए इंतजामों को एक-एक करके जनता के सामने रखा’। मालूम हो कि कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी समेत कई विपक्षी दल वैक्सीन को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर लगातार हमला बोलते आ रहे हैं। मोदी के फ्री वैक्सीन एलान के बाद कांग्रेस ने इसे अपना श्रेय लेने की कोशिश की। राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी पर वैक्सीन को लेकर ‘टिप्पणी’ शुरू कर दी, हालांकि कांग्रेस को जवाब देने के लिए भाजपा के नेताओं ने भी मोर्चा संभाला ।

कांग्रेस नेताओं ने मोदी सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के दबाव के बाद लिया फैसला बताया—

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सभी को फ्री वैक्सीनेशन के साथ ट्वीट करते हुए एक सीधा सवाल किया- ‘अगर टीके सभी के लिए मुफ्त हैं तो फिर निजी अस्पतालों को पैसे क्यों लेने चाहिए’। उसके बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया कि सरकार ने यह फैसला ‘दबाव’ में लिया है। उन्‍होंने कहा कि जब राज्य की सरकारों ने केंद्र पर दबाव डालकर मुफ्त में वैक्सीन देने की बात कही और सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया, उसके बाद ही प्रधानमंत्री को सभी लोगों के लिए वैक्सीन मुफ्त करने का फैसला करना पड़ा। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने पिछले कई महीनों में बार बार यह मांग रखी कि 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को मुफ्त टीका लगना चाहिए, लेकिन मोदी सरकार ने इससे इनकार कर दिया। फिर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी जी और उनकी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। ‘पीएम मोदी के सभी को फ्री वैक्सीन के एलान पर कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने कहा कि राहुल गांधी की सलाह मानने में उन्हें एक महीने से ज्यादा का वक्त लग गया’। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि पीएम ने देश के सभी लोगों के लिए अब वैक्सीन मुफ्त कर दी है, देर आए दुरुस्त आए, जो होना चाहिए था वह फिर से हो रहा है। वैक्सीन नीति में केंद्र सरकार को पहले कोई बदलाव नहीं करना चाहिए था। पीएम मोदी के आज शाम 5 बजे देश के नाम संदेश को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने तंज कसा है, उन्होंने कहा – ‘5 बजे फिर..हे राम । ‘दिल्‍ली के डिप्‍टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि हम माननीय सुप्रीम कोर्ट का आभार व्यक्त करते हैं कि उनके दखल के बाद देशभर में हर उम्र हर वर्ग के लोगों को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध होगी, केंद्र सरकार चाहती तो बहुत पहले यह कर सकती थी’। लेकिन, केंद्र की नीतियों के चलते न राज्य वैक्सीन खरीद पा रहे थे और न केंद्र सरकार दे रही थी। आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद केंद्र ने यह फैसला लिया है । वहीं भाजपा प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने कहा कि वैक्सीन सभी के लिए मुफ्त हो गई है। सुरजेवाला ने कहा कि वैक्सीन लोगों को मुफ्त में नहीं मिलेगी। वे भ्रम फैला रहे हैं। कांग्रेस का मकसद झूठ और भ्रम की राजनीति करना है। उनकी राजनीति की दुकान बंद हो रही है। यह समय राजनीति करने का नहीं भारत के साथ खड़े होने का है। यहां हम आपको बता दें कि प्रधानमंत्री ने 20 अप्रैल को देशवासियों को आखिरी बार संबोधित किया था। उस समय ऑक्सीजन सप्‍लाई बेहतर करने, दवाइयों के उत्‍पादन पर अपडेट देते हुए पीएम ने कहा था कि लॉकडाउन को आखिरी विकल्‍प की तरह लिया जाए।

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