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Uttar Pradesh: Yogi Adityanath likely to be BJP’s face in UP elections 2022

भाजपा आलाकमान के सभी एंगल से परखने के बाद योगी पर ही लगाया ‘मिशन 22 का दांव’

भाजपा हाईकमान की ओर से उत्तर प्रदेश में योगी सरकार को लेकर उठापटक मची । लेकिन बात वहीं आकर थम गई है। रविवार शाम को दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और सभी महासचिवों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक में आखिरकार उत्तर प्रदेश जारी फेरबदल की सियासी अटकलों को ‘विराम’ दे दिया गया है। पिछले एक महीने से योगी सरकार का भाजपा केंद्रीय नेतृत्व और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेता अगले साल की शुरुआत में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर ‘सभी एंगल’ से परखने में जुटे हुए थे। इसके लिए ‘दिल्ली से लेकर लखनऊ तक कई बैठकों का दौर चला। बीच-बीच में यह भी सियासी ‘अटकलें’ लगती रहीं कि योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री की ‘कुर्सी’ से हटाया जा सकता है? मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर उत्तर प्रदेश से लेकर राजधानी दिल्ली तक सियासी चर्चाओं का बाजार गर्म था । ‘आखिरकार बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं ने यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर योगी आदित्यनाथ पर ही भरोसा जताया’ । यानी सही मायने में योगी सरकार को अब ‘अधिक डिस्टर्ब’ नहीं किया जाएगा। । ‘इसका बड़ा कारण यह भी है कि योगी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर विपक्ष भी हमला बोलने के लिए तैयार बैठा था’। ‘अब भाजपा हाईकमान ने लगभग मंत्रिमंडल विस्तार को विराम दे दिया है । आलाकमान ने योगी को ही ‘जिताऊ’ माना है और उनके चेहरे पर विधानसभा चुनाव में ‘दांव’ लगाएगी। बता दें कि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश में भाजपा के बड़े नेताओं की समीक्षा बैठक ने अटकलों का दौर जारी था। यह सच है कि राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष और प्रभारी राधामोहन सिंह के साथ मुलाकात में प्रदेश के कई नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी केे प्रति थोड़ी नाराजगी जताई थी। लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने इन सब बातों को विराम देते हुए योगी को ही ‘मिशन 2022’ की कमान सौंपने की तैयारी कर ली है। योगी सरकार में फेरबदल को लेकर पिछले महीने से भाजपा केंद्रीय नेतृत्व और संघ के नेताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। मुख्यमंत्री चेहरे में बदलाव को लेकर न तो चर्चा हुई है और न ही इसकी कोई संभावना है। बल्कि प्रदेश स्तर पर उनकी कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत करने वाले नेताओं की ओर से भी उन्हें बदलने को लेकर कोई सुझाव नहीं दिया गया। हां यह जरूर कहा गया कि मुख्यमंत्री को कुछ स्तर पर समन्वय स्थापित करना होगा। जाहिर तौर पर इसकी जिम्मेदारी केंद्रीय नेतृत्व के पास होगी। आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल या संगठन में छोटे मोटे बदलाव किए जा सकते हैं। लेकिन चेहरा योगी ही होंगे। वहीं पीएम मोदी के करीबी और उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य बनाए गए अरविंद कुमार शर्मा को भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, फिलहाल उन्हें कौन सा मंत्री पद दिया जाएगा अभी संशय बना हुआ है। योगी सरकार का मसला निपटाने के बाद केंद्रीय आलाकमान ने अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी है ।

बंगाल की हार का गम भुला कर भाजपा ने शुरू की पांच राज्यों के चुनाव की तैयारी—

रविवार शाम को दिल्ली में भाजपा की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बता दें कि बंगाल चुनाव में मिली हार के बाद यह पार्टी की बड़ी और पहली बैठक थी, राष्ट्रीय महासचिवों के साथ हुई बैठक दो वजहों से हुई है। पहला ये कि बीजेपी ने कोरोना काल के दौरान ‘सेवा ही संगठन’ कार्यक्रम चलाया है, जिसकी समीक्षा पार्टी की तरफ से की जा रही है। इसके अलावा साल 2022 में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। अगले साल की शुरुआत में जिन राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के अलावा गोवा और मणिपुर भी शामिल हैं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और सभी महासचिवों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह बैठक पांच घंटे तक चली । इसमें भाजपा के महासचिवों भूपेंद्र यादव, सी टी रवि, दुष्यंत गौतम, डी पुरंदेश्वरी, अरुण सिंह, दिलीप सैकिया, कैलाश विजयवर्गीय, तरुण चुग और बीएल संतोष उपस्थित थे। ‘बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि पार्टी को हार से भी सीख लेने की जरूरत है’। यह बैठक इसलिए और महत्वपूर्ण थी कि दो दिन पहले ही अभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेता राजधानी दिल्ली में तीन दिनों तक ‘महामंथन’ के लिए जुटे थे। जिसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी शामिल थे। अगले साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा ने कमर कस ली है। बैठक में विधानसभा चुनावों को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी नेताओं से कहा कि जीत हो या हार, भाजपा को अपने प्रदर्शन का विस्तार से आकलन करना चाहिए ताकि वह भविष्य के चुनावों की तैयारी कर सके। ‘पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल में पार्टी को यह देखना चाहिए कि 2019 के लोकसभा चुनावों में जब बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया था उसके बाद टीएमसी ने कैसे वापसी की है’।बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में इन राज्यों में बीजेपी बड़े स्तर पर चुनावी राज्यों में वर्चुअल सभाओं का आयोजन करने की तैयारी कर रही है। जिनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा संबोधित करेंगे।

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