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आपदाओं का घर बना भारत, ‘यास’ को लेकर केंद्र की आंध्र-बंगाल-ओडिशा सरकारों से मीटिंग

पिछले एक वर्ष से प्रकृति आपदाओं ने भारत को ही अपना ‘घर’ बना लिया है। एक के बाद एक आती आपदाओं से देशवासी आदी होते जा रहे हैं। पिछले वर्ष ‘निसर्ग और अम्फान’ चक्रवात के बाद हाल ही में आए ‘तौकते’ ने महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और गोवा समेत छह राज्यों में भारी तबाही मचाई थी । अभी इससे लोग ‘उभर’ भी नहीं पाए थे कि अब एक और चक्रवाती ‘यास’ रौद्र रूप दिखाने के लिए तैयार है । इस तूफान का असर देश में 4 दिनों तक रहेगा। एक ओर देश में कोरोना महामारी का ‘कहर’ भी जारी है। दूसरी ओर ये ‘प्राकृतिक आपदाएं और मुश्किलें बढ़ा रही हैं’। आज सुबह से शाम तक केंद्र सरकार ने बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश की सरकारों से हाईलेवल की मीटिंग की । दूसरी ओर इन राज्य सरकारों ने अपने स्तर पर भी समीक्षा की है । ‘यास चक्रवात आने से पहले ही आर्थिक सहायता दिए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर ममता बनर्जी नाराज हो गई हैैं’ । इसके साथ राहत-बचाव के लिए एयर फोर्स, एनडीआरएफ की टीमों के साथ सुरक्षा बल भी मोर्चे पर लगा दिए गए हैं । बंगाल में इस तूफान यास ने दस्तक दे दी है और बारिश भी शुरू हो गई है । मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया है और वह ‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान’ के रूप में 26 मई को पश्चिम बंगाल तथा उड़ीसा तटों को पार करेगा। यास का असर 27 और 28 मई को भी जारी रहने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने एनडीआरएफ और जिला प्रशासन को हाईअलर्ट पर रखा है। मंगलवार को 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इसके बाद 27 मई को हवाएं 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी आंध्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट अलर्ट पर हैं। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। तूफान से सबसे ज्यादा नुकसान पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हो सकता है। इन राज्यों में भारी बारिश भी होगी। इसका असर तमिलनाडु, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, झारखंड और बिहार तक पड़ेगा ।

ओडिशा-आंध्र प्रदेश ने केंद्र का आभार जताया लेकिन ममता बनर्जी फिर लगाए आरोप

गृहमंत्री अमित शाह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल के साथ बैठक की और चक्रवात यास की तैयारियों की समीक्षा की। उसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कैबिनेट और अधिकारियों के साथ बैठक कर तूफान से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए । इस बैठक के बाद ‘ममता बनर्जी ने कहा कि गृह मंत्रालय ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश को 600 करोड़ रुपये की अग्रिम राहत देने का आश्वासन दिया है लेकिन पश्चिम बंगाल को केवल 400 करोड़ रुपये देने की बात कही है। यह भेदभावपूर्ण है’। इसके उलट इस चक्रवात तूफान को लेकर उड़ीसा और आंध्र प्रदेश की सरकारों ने केंद्र सरकार के समय रहते सहयोग करने पर सराहना की। ‘ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बैठक आयोजित करने और तैयारियों में राज्य सरकार को सहयोग के लिए केंद्र सरकार का शुक्रिया अदा किया, वहीं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने केंद्र सरकार का आभार जताया’। यहां हम आपको बता दें कि रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेे राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर आने वाले चक्रवात के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की। इस चक्रवात को देखते हुए तीनों सेनाओं को अलर्ट पर रखा गया है।

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