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केंद्र सरकार को संकटकाल में काग्रेस की बातें अच्छी लगने लगी, राहुल की सलाह पर मोदी ने किया अमल

आज बात करेंगे स्वस्थ और अच्छी राजनीति की। संकट काल के अलावा आमतौर पर देश हित में पक्ष और विपक्ष को मिलकर कई फैसलों पर एक होना होगा। वैसे कम ही मौकों पर ऐसा होता है जब विपक्ष के नेताओं की बात और सलाह को लेकर सत्तारूढ़ सरकार गंभीरता दिखाती है। ‘विपक्ष की चाहे कितनी भी जरूरी राय क्यों न हो सरकारों को पसंद नहीं आती हैं, सियासी तौर पर इसका कारण यह भी है अगर सरकार विपक्षी दलों के नेताओं की बातों को पालन करेगी तो उसकी नीतियों और कामकाज करने के तरीकों पर भी सवाल उठ सकते हैं’ । इसीलिए कई बार विपक्ष की अच्छी सलाह को भी सत्ताधारी नेता अनदेखी करते हुए नजर आते हैं । अब बात करेंगे केंद्र की मोदी सरकार और विपक्ष कांग्रेस की। ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह कांग्रेस पार्टी को देश की सियासत से ही मिटाने के लिए लगे हुए हैं’ । लेकिन अब कोविड-19 के संकटकाल में मोदी सरकार कांग्रेस के नेताओं की ‘बात अच्छी लगने लगी है’। आज हम चर्चा करेंगे कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी और पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की। खास तौर पर ‘राहुल और पीएम मोदी का अधिकांश बातों पर सियासी टकराव खुलकर सामने आता हैै’।
लेकिन पिछले दिनों से राहुल और प्रियंका गांधी की बातों को मोदी सरकार बहुत ही गंभीरता से लेते हुए उस पर ‘अमल’ भी कर रही है । यह राजनीति जगत में में पक्ष और विपक्ष के नेताओं में एक ‘अच्छी परंपरा’ कही जा सकती है । बता दें कि कोरोना संकटकाल में पूरा देश इस समय जबरदस्त मुसीबतों से घिरा हुआ है। लगभग 15 दिन पहले जब राहुल गांधी और प्रियंका ने केंद्र सरकार से सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं को रद करने के लिए शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से अपील की थी । पहले तो केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय इस बात के लिए विपक्ष को कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहा था। लेकिन उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षामंत्री पोखरियाल के साथ एक घंटे की लंबी बैठक के बाद आखिरकार राहुल गांधी समेत विपक्ष के कुछ और नेताओं की बात को गंभीरता से अमल किया । बाद में केंद्र सरकार ने सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की दसवीं की परीक्षाएं रद कर दी और बारहवीं के भी फिलहाल आगामी आदेश तक टाल दिए गए।

बंगाल में प्रचार खत्म करने के लिए राहुल गांधी की नसीहत भी पीएम मोदी ने गंभीरता से लिया–

बंगाल में बचे तीन चरणों के चुनाव प्रचार खत्म करने के लिए सबसे पहले राहुल गांधी ने राजनीतिक दलों के नेताओं से चुनावी जनसभा न करने की ‘नसीहत’ दी थी। राहुल ने कहा था अगर अब राज्य में चुनावी जनसभाएं अब हुई तो यह महामारी अपना और भी अधिक विकराल रूप ले सकती है, लोग संक्रमण की चपेट में आ जाएंगे। कांग्रेस ने बंगाल में हो रही बड़ी-बड़ी रैलियों का भी विरोध किया। लेकिन चुनावी रैलियों में उमड़ती भीड़ के कारण उत्साहित भाजपा धुआंधार प्रचार किए जा रही थी । पहले पीएम मोदी, अमित शाह फिर जेपी नड्डा लगातार जनसभाएं खूब जोरदार तरीके से कर रहे थे। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की सलाह के बाद सबसे पहले तृणमूल कांग्रेस की चीफ ममता बनर्जी और लेफ्ट के नेताओं ने बड़ी चुनावी जनसभाएं करने से दूरी बना ली। उसके बाद शाम होते-होते पीएम मोदी और अमित शाह भी राहुल की बातों को मानते हुए नजर आए । प्रधानमंत्री मोदी बंगाल में कोई बड़ी चुनावी रैली नहीं करेंगे । अब बंगाल में भाजपा की रैली में 500 से अधिक लोग ही मौजूद रहेंगे । इसके अलावा भी राहुल गांधी की कई राय मोदी सरकार को पसंद आई । कुछ दिन पहले ही ‘राहुल और सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार से 18 वर्ष की आयु के लोगों को भी वैक्सीन लगाने के लिए कहा था’। इस पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने बात मानते हुए आगामी 1 मई से 18 वर्ष की आयु के लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए हरी झंडी दे दी है। बता दें कि अभी देश में 45 वर्ष की आयु के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है । कांग्रेस सांसद राहुल ने इसी तरह रूसी वैक्सीन ‘स्पुतनिक वी’ को अनुमति देने की मांग की थी। उसके बाद केंद्र सरकार ने राहुल की यह मांग मान ली और अन्य विदेशी वैक्सीनों का रास्ता भी खोल दिया गया। सरकार को इसी तरह विपक्ष की मांग के बाद रेमडिसिविर आदि दवाओं का प्रोडक्शन बढ़ाने के निर्देश देने पड़े हैं। बता दें कि पिछले दिनों पूरे देश भर में रेमडिसिविर इंजेक्शन लेने के लिए मेडिकल दुकानों पर लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई थी । करीब 7 वर्षों में यह पहला मौका होगा जब मोदी सरकार ने कांग्रेस की सभी बातों पर गंभीरता से अमल किया है । इसकेेे अलावा मंगलवार को राहुल ने दिल्ली, मुंबई समेत आदि शहरों से पलायन करने पर प्रधानमंत्री से एक और अपील की है कि इन कामगारों और मजदूरों के बैंक अकाउंट में पैसे डाले जाएं। अब देखना होगा इसको केंद्र सरकार कितनी गंभीरता से लेती है ? दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की रिपोर्ट आज कोरोना पॉजिटिव आने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि मैं लोकसभा सांसद राहुल गांधी के शीघ्र स्वस्थ होने और अच्छे सेहत की कामना करता हूं।

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