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April 15, 1912 Titanic Sank in 1912

शाही अंदाज में रवाना हुआ टाइटैनिक जहाज का पहला सफर ही बन गया आखिरी

April 15, 1912 Titanic Sank in 1912

एक शताब्दी से अधिक बीत जाने के बाद भी इस जहाज को पूरी दुनिया आज भी भूल नहीं पाई है । 20वीं शताब्दी का यह समुद्री जहाज इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज है । जितना इसके सफर को लेकर याद किया जाता है उतना ही इसका दुर्घटना होना उस दौर में दुनिया को हिला दिया था । आज 15 अप्रैल है। उस दिन उस विशालकाय जहाज ‘टाइटैनिक’ की याद आ जाती है जो अपने पहले सफर में बहुत ही शाही अंदाज के साथ रवाना हुआ था लेकिन यह उसका आखिरी सफर भी साबित हुआ । टाइटैनिक जहाज का जब निर्माण किया गया था तब बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि यह बहुत ही आधुनिक और मजबूत बनाया गया है या कभी नहीं डूबेगा। अब बात को आगे बढ़ाते हैं । 10 अप्रैल1912 को जहाज इंग्लैंड के साउथहैंपटन से न्यूयॉर्क के लिए करीब 22 सौ यात्रियों को लेकर रवाना हुआ था। अटलांटिक में अपने सफर को जारी रखते हुए यह जहाज आगे बढ़ रहा था। खुद जहाज के मालिक इसके पहले सफर के गवाह के रूप में इस पर सवार थे। इस पर यात्रियों की सुख-सुविधा का पूरा इंतजाम था। यही वजह थी कि इंग्‍लैंड और अमेरिका के धनाढ्य वर्ग इस जहाज से सफर कर रहे थे।

Titanic

तीन दिन इसके यात्रियों ने इसकी सुख सुविधाओं का पूरा लुत्फ उठाया। जहाज के मालिक जे ब्रुस इसमे ने जहाज के कप्तान एडवर्ड स्मिथ को जहाज आदेश दिया था कि इसे पूरी रफ्तार से चलाया जाए। 14 अप्रैल, 1912 को रविवार के दिन जहाज समुद्र में बर्फ के एक पहाड़ से टकरा गया। टकराने के महज दो घंटे 40 मिनट के अंदर जहाज डूब गया। 15 अप्रैल, 1912 को सुबह 2.20 पर दुनिया का सबसे विशालकाय जहाज डूब गया। टाइटैनिक एक विशालकाय जहाज था। इसके बारे में कहा गया था कि यह कभी डूब नहीं सकता है। लेकिन इसके साथ हुआ हादसा शांतिकाल में दुनिया के सबसे भयावह समुद्री आपदाओं में से एक बन गया। इस हादसे में 1522 लोगों की मौत हो गई थी। इस पानी के दबाव से यह दरार और बढ़ गईं और देखते ही देखते जहाज में पानी भरना शुरू हो गया और यह दो हिस्सों में बंट गया। इस जहाज पर इतनी लाइफ बोट नहीं थी कि सभी यात्रियों को उनसे सुरक्षित बचाया जा सके। डूबते जहाज ने बचाव के लिए कई सिग्‍नल भी दिए लेकिन तत्‍काल कोई राहत नहीं मिल सकी थी। करीब 700 लोगों को बचाया था। इस हादसे में जो लोग बचे उनके लिए यह दूसरा जीवन मिलने जैसा ही था। टाइटैनिक के डूबने का मुख्य कारण इसका अत्यधिक गति से चलना था। बता दें कि हॉलीवुड के प्रसिद्ध डायरेक्टर जेम्स कैमरन ने साल 1997 में इस पर फिल्म टाइटैनिक बनाई थी । इस फिल्म ने पूरी दुनिया भर में सफलता हासिल की। इसके साथ आज के दौर में लोगों को टाइटैनिक जहाज की यादें भी ताजा कराईं ।

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