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कोरोना की डरावनी वाली रफ्तार शुरू होने से बढ़ने लगीं धड़कनें, फिर अशांत होती जिंदगी

देश में एक बार फिर कोरोना वायरस अपने ‘पीक’ पर आ चुका है । हर दिन बढ़ती जा रही संक्रमित मरीजों की संख्या अब डराने भी लगी है। तमाम कोशिशों के बावजूद देश में कोरोना की रफ्तार थमने के बजाय बढ़ती जा रही है। छह महीने बाद कोरोना की सबसे डरावनी रफ्तार सामने आई है। देश में अब मरीजों का आंकड़ा 90 हजार की दहलीज पर पहुंच चुका है । हर रोज मृतकों की संख्या भी बढ़ती जा रही है । शुक्रवार को देश भर में इस महामारी से 700 से अधिक मरीजों ने जान गंवा दी । देशवासियों की एक बार फिर से इस जानलेवा वायरस ने धड़कनें बढ़ा दी हैं । फिलहाल कोई बताने की स्थिति में नहीं है कि यह महामारी शांत कब होगी । पूरे देश भर में एक बार फिर अशांत भरा माहौल होता जा रहा है । महाराष्ट्र में तो स्थित भयावह कगार पर पहुंच चुकी है । इस राज्य में लॉकडाउन के आसार बढ़ते जा रहे हैं । इस बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र लॉकडाउन के मुहाने पर खड़ा है और एक या 2 दिन में बड़ा फैसला संभव है। यहां हम आपको बता दें कि महाराष्ट्र दुनिया में कुल कोरोना मरीजों के मामले में 10वें नंबर पर पहुंच गया है। महाराष्ट्र से आगे अमेरिका, ब्राजील, फ्रांस, रूस और ब्रिटेन जैसे देश हैं। भारत में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पिछली बार के मुकाबले थोड़ी अलग है ।संक्रमण की रफ्तार पिछले साल के मुकाबले चार गुना ज्यादा है। हालांकि इस बार का संक्रमण कम खतरनाक है, लेकिन इस बार युवा कोरोना संक्रमण की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। भारत में कोरोना के नए वेरिएंट का मिलना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। राजधानी दिल्ली में कोरोना के तेजी से मामले बढ़ने के बाद हालात बिगड़ने लगे हैं। इसी को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को आपात मीटिंग भी बुलाई थी ।

मरीजों की संख्या बढ़ने पर केंद्र-राज्य सरकारें चिंतित, वैक्सीनेशन पर अधिक जोर—

केंद्र ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 के रोजाना के मामलों में वृद्धि के कारण चिंताजनक स्थिति वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने रोकथाम गतिविधियों को लागू करने में तेजी नहीं दिखाई है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और स्वास्थ्य सचिवों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता के बाद केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने इन राज्यों को संक्रमण रोकने के लिए कड़े कदम उठाने को कहा। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, चिंताजनक स्थिति वाले 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि 31 मार्च तक 14 दिनों में कोविड-19 के मामलों में इन राज्यों का योगदान 90 प्रतिशत, मौत के मामले में 90.5 प्रतिशत हैं और कई राज्य पिछले साल के शीर्ष मामलों को पार कर चुके हैं या उसके करीब हैं। देश में बढ़ते संक्रमित मरीजों को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें अब सबसे अधिक फोकस वैक्सीनेशन पर कर रही हैं । केंद्र ने विदेशों में भेजे जाने वाली अपने यहां की वैक्सीन पर कुछ दिनों तक रोक भी लगा दी है । बता दें कि भारत में सिरम इंस्टीट्यूट एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन का उत्पादन करता है। भारत पहले ही इस कंपनी में बनाए गए कोरोना वैक्सीन के कई करोड़ डोज दुनियाभर के 50 से अधिक देशों को निर्यात कर चुका है। अब देश में बढ़ती मांग और कोरोना टीकाकरण अभियान को तेज करने के लिए केंद्र सरकार ने विदेशों को वैक्सीन का निर्यात अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है ।

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