शुक्रवार, अगस्त 12Digitalwomen.news

International Women’s Day 2021 – ‘Every day is Women’s Day’

हर दिन ख़ास हो महिलाओं के लिए: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

अपने अस्तित्व के लिए समाज में लंबे समय से प्रयासरत महिलाएं आज 21वीं सदी में पुरुष से हर कदम से कदम मिलाकर चलती नजर आती हैं। नारी चाहे एक माँ की भूमिका में हो,या फिर किसी देश या राज्य के नेतृत्व की उसने अपनी काबिलियत से सबको लोहा मनवाया है। आज पूरी दुनिया आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाती है। एक समय जहां भारत में महिलाओं को बोलने तक की आजादी नही थी वहीं आज इक्कीसवीं सदी की स्त्री ने स्वयं की शक्ति को पहचान लिया है और काफी हद तक अपने अधिकारों के लिए लड़ना सीख लिया है। आज महिलाओं ने साबित कर लिया है वह हर क्षेत्र में अपना नाम बनाने में सक्षम हैं, और इससे कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है। चाहे हम बात करें आकाश की या जमीन की महिलाओं ने हर क्षेत्र में एक बेहतर मुकाम हासिल किया है।

आखिर क्यों 8 मार्च को मनाया जाता है महिला दिवस
8 मार्च को पुरा विश्व महिला दिवस मनाता है। दरअसल, क्लारा ज़ेटकिन ने महिला दिवस मनाने के लिए कोई तारीख पक्की नहीं की थी। साल 1917 में युद्ध के दौरान रूस की महिलाओं ने ‘ब्रेड एंड पीस’ यानी खाना और शांति की मांग की।
महिलाओं की हड़ताल ने वहां के सम्राट निकोलस को पद छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया और अंतरिम सरकार ने महिलाओं को मतदान का अधिकार दे दिया गया। उस समय रूस में जूलियन कैलेंडर का प्रयोग होता था। जिस दिन महिलाओं ने यह हड़ताल शुरू की थी, वह तारीख 23 फरवरी थी। ग्रेगेरियन कैलेंडर में यह दिन 8 मार्च था और उसी के बाद से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को मनाया जाने लगा।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस थीम
इस इस साल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम कोविड-19 से युद्ध के अग्रिम मोर्चे पर महिला वैज्ञानिक है। हर साल विश्व महिला दिवस पर एक थीम तय किया जाता है। इस साल पूरा विश्व कोविड-19 मारी से जूझ रहा है इस महामारी में समाज में महिलाओं की भागीदारी और हर मोर्चे पर अग्रिम होना है। हर क्षेत्र के भातीं कोविड-19 की महामारी से उबरने में भी महिला वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने अहम योगदान दिया। इनके अथक प्रयासों से ही आज हम वायरस के बारे में जानकारी करने, जांच की तकनीक विकसित करने और उसे परास्त करने के लिए टीका तैयार करने में सक्षम हो सके। संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी इनके कामों के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को चुना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार भारत में समस्त स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का 38 प्रतिशत महिलाएं हैं। इनकी सबसे बड़ी संख्या नर्सों की है। अनुपात के अनुसार हर एक मेल नर्स पर आठ फीमेल नर्स हैं। जिनकी कुल संख्या 30.7 लाख आंकी जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के तय अनुपात के अनुसार करीब 20 लाख कम हैं, फिर भी महिला नर्स आग्रिम मोर्चे पर आ डटीं रहीं।

Leave a Reply

%d bloggers like this: