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Ashram Review- ‘आश्रम’ मूवी रिव्यु – धार्मिक अंधविश्वासों की कहानी है आश्रम (Ashram)

Ashram Review- 'आश्रम' मूवी रिव्यु

आश्रम – (Ashram)
कलाकार: बॉबी देओल, चंदन रॉय सान्याल, अदिति पोहनकर, तुषार पांडे, विक्रम कोचर, राजीव सिद्धार्थ, अनुप्रिया गोयनका और दर्शन कुमार
निर्देशक: प्रकाश झा (Prakash Jha)
एपिसोड्स : 9
ओटीटी: MX PLAYER

प्रकाश झा के निर्देशन में बनी फिल्म परीक्षा के बाद अब इनके निर्देशन में बनी एक नई वेब सीरिज ‘आश्रम’ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई है।हमेशा की तरह प्रकाश झा ने इस बार भी समाज में चल रहे सबसे खाश मुद्दे को उठाते हुए वेब बनाई है वह है
” अन्धविश्वास “

भारत मेे सबसे ज्यादा फलने फूलने वाला व्यापार है बाबाओं और ढोंगी संतों का जो कई सालों में यहां फूल फल रहे हैं। आशाराम और गुरमीत राम रहीम जैसे बाबाओं का पर्दाफाश के बाद भी आए दिन ऐसी अंधविश्वास की घटनाएं सामने आती है, ऐसे ढोंगी बाबाओं के रूप देखने को मिल जाते हैं। इस वेब सीरिज की कहानी मेे यह दिखाया गया है कि भारत में पिछले कई सालों से चले आ रहे बाबा और ढोंगी संतों की जिनके प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास पूरे समाज को खोखला कर चुकी है।


इस तरह के अंधविश्वास की देखते हुए लोगों को जागरूक करने के लिए यह वेब सीरीज लोगों की आंखें खोलने में एक पहल के रूप में नजर आ रही है, लेकिन कहानी काफी लंबी भी खींचती नजर आएगी। हालांकि यह वेब सीरिज की पहली पार्ट है, जिसमें बस आपको शुरुआत की झलक देखने को मिलेगी।

इस सीरिज में बॉबी देवल सबसे खास किरदार बाबा काशीपुर वाले के रूप में नजर आएं है जिस से आसार लगाए जा रहे हैं कि फिल्मों में फिर से इनकी इंट्री हो सकती है।

Ashram Review- 'आश्रम' मूवी रिव्यु
Ashram Review- ‘आश्रम’ मूवी रिव्यु

कहानी…

कहानी है काशीपुर वाले बाबा और उनके प्रति अटूट श्रद्धा वाले श्रद्धालुओं की है जो ये नहीं जान पाते कि बाबा के नाम के चोगे में एक मुजरिम बैठा है। बाबा निराला काशीपुर वाले की जिनका काफी बड़ा आश्रम है। इस आश्रम में दान-धर्म का काम होता है। बाबा सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों की मदद करते है। उसके पास स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल और वृद्धा आश्रम जैसी ना जाने कितनी संपति है। बाबा के इस मायाजाल में लोग आसानी फंस जाते हैं। लोगों को आश्रम में रहने की छूट है। यहां काम और सैलरी भी दी जाती है। बाबा की अपनी राजनीतिक में भी पकड़ है। सत्ताधारी पार्टी और विपक्षी पार्टी दोनों ही अपने लाभ के लिए मत्था टेकते हैं। बाबा के आश्रम का प्रबंधन देखते हैं भूपेंद्र सिंह यानी भोपा। भोपा ही बाबा का दूसरा हाथ है। भोपा सबकुछ मैनेज करता है, किसे कैसे निपटाना है। इस बीच एक हाइप्रोफाइल प्रोजेक्ट में काम के दौरान एक कंकाल मिलता है। इस कंकाल की जांच करने के लिए इंस्पेक्ट उजागर सिंह ड्यूटी लगाई जाती है। इसके बाद उजागर धीरे-धीरे उन कड़ियों तक पहुंचता है, जो हत्यों को सीधे बाबा से जोड़ती हैं। इस सीरिज मेे सभी ने बेहतर अभिनय किया है, बॉबी देओल (Bobby Deol) भी काफी दिनों बाद फिल्मों में नजर आए हैं,वहीं रंग दे बंसती जैसी फ़िल्मों में नज़र आ चुके चंदन रॉय ने भी भोपा के किरदार को बखूबी निभाया है ।पुरी तरह से कहानी इस पार्ट मेे नहीं दिखेगी ,इसके आगे क्या होगा इसके लिए दर्शकों को आश्रम पार्ट 2 का इंतजार करना होगा।

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