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Sushant Singh Rajput’s last film, Dil Bechara released, review and updates…

बंपर धमाके के साथ रिलीज हुई सुशांत से की आखिरी फिल्म…

Film : दिल बेचारा

Time : 1hr 42 mint

ओटीटी: डिज़्नी हॉट स्टार

कलाकार : सुशांत सिंह, संजना संघी,साहिल वैद्य, शाश्‍वस्‍त चटर्जी और स्‍वास्तिका मुखर्जी

डायरेक्टर: मुकेश छाबड़ा

सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ का प्रीमियर 24 जुलाई के शाम 7.30 बजे ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी हॉटस्टार पर हुई।
इस फिल्म को इंतजार सुशांत सिंह के फैन्स काफी लंबे समय से कर रहे थे। सुशांत सिंह की यह फिल्म जो उनके लिए आखरी साबित हुई, जिसे लेकर उनके दर्शक थाेड़े रुआंसे भी हैं और थोड़े खुश भी।
इसे फिल्म को लेकर क्रेज ऐसा रहा कि ट्विटर पर 24 जुलाई में शाम से ही नंबर 1 पोजिशन पर #DilBecharaDay हैशटेग ट्रेंड होने लगा।

क्या है फिल्म

दिल बेचारा’ फिल्म दि फॉल्ट इन आउर स्टार की रीमेक है।

कहानी जमशेदपुर से पेरिस का सफर करती है। जहां मौत के जोखिम से लगातार आंख मिचौली कर रहे किरदारों को सहज भाव से पेश किया है। इस फिल्म के हीरो इमैनुएल जूनियर राजकुमार उर्फ मैनी को बीमारी के चलते एक पांव खोना पड़ता है।
हीरोइन किज्‍जी बासु थॉयरॉयड कैंसर पीड़ित है। मैनी के दोस्त जगदीश पांडे को आंख की बीमारी है। आगे चलकर उसका अंधा होना तय है। इन तमाम दुश्वारियों के बावजूद हर किरदार के अपने सपने हैं। किज्‍जी को अपने फेवरेट सिंगर अभिमन्‍यु वीर से मिलना है। मैनी को किज्‍जी का सपना पूरा करना है।

कहानी जमशेदपुर जैसी जगह से निकलकर आगे बढ़ती है। प्लॉट बहुत कस्बाई नहीं है। मिजाज से कॉस्‍मोपॉलिटन है, पर युवाओं के मासूम सवाल हैं। एक हद तक पलायनवाद भी है। कड़वी हकीकतों से दूर जाने का इरादा है। इसे सकारात्‍मक तौर पर देखा जाए तो इसे ‘लीप ऑफ फेथ’ भी कह सकते हैं। यह किरदारों में झलकती है। नजदीक आती मौत से दूर भागने की जद्दोजहद कभी इंस्पायर करती है तो कभी परेशान, तो कभी हैरान।

मैनी खुशमिजाज रहने की कोशिश करता है। किज्‍जी को जीने की वजह देता है। पर उसे पता है कि आखिरकार क्‍या होने को है। वह किसी हाल में उम्‍मीद का दामन नहीं छोड़ता। यह किज्‍जी में बदलाव लाता है। यहां एक प्रेरक, भावनात्मक कहानी जिसमें बलिदान, कड़ी सच्चाई और सच्चे प्यार के बारे में सकारात्मक संदेश हैं। यह भी जाहिर होता है कि बुरी चीजें सामान्य से अधिक प्रेरक हो सकती हैं।

फिल्म में मैनी की भूमिकामें सुशांत ने मासूमियत,प्यारा, उदासी, बेचैनी हर तरह के किरदार को जीवंत किया है,जिसे कुल मिलाकर यह उनकी आखरी फिल्म के साथ बेहतरीन फिल्म भी है जिसे उनके प्रशंसक हमेशा याद करेंगे।

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