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Happy National Doctor’s Day 2020 – राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस

महामारी के इस दौर से आज पूरा विश्व गुजर रहा है। कोरोना कि महामारी पुरे विश्व में अपना असर दिखा रहा है।
लेकिन इस दौर में भी एक सफेदपोश जो हमेशा अपनी जान की दाव लगाते हुए सबसे आगे कोरोना वॉरियर्स के रूप में कोरोना कि विपत्ति के सामने ढाल बन कर खड़ा हैं ,वो हैं हमारे डॉक्टर्स।

Happy National Doctor’s Day 2020 – राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस


कोविड-19 वैश्विक महामारी के विरुद्ध इस लड़ाई में डॉक्टरों की निस्वार्थ भाव सेवा ने देश को इस विपत्ति की दौर में भी हमेशा मजबूती प्रदान की है। इस दौर में जब पूरा देश अपने अपने घरों में परिवार के साथ लॉक डाउन में अपना समय बिता रहे थें , तब ये डॉक्टर्स कोरोना पीड़ितों का अस्पतालों में उनका इलाज कर रहे थे।
उनके जीने की आशा को बढ़ावा दे रहे थे।
इस दौरान कई ऐसी तस्वीरें सामने आईं जब डॉक्टर्स अपने परिवार से मिल तक नहीं पा रहे थें, यहां तक कि उन्हें देख भी नहीं पा रहे थे।
इस त्याग और कर्तव्य की भावना वाले डॉक्टर्स को आज राष्ट्रीय डॉक्टर्स दिवस कि शुभकामनाए और नमण।

क्यों मनाया जाता है डॉक्टर्स दिवस…
भारत में डॉक्टर्स डे की शुरुआत 1991 को हुई थी,तब से हर साल 1 जुलाई को मनाया जाता है।
देश में डॉक्टर्स डे,देश के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ बिधान चंद्र रॉय को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिए उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर इसे मनाया जाता है। डॉ बिधान चंद्र रॉय का जन्म 1 जुलाई 1882 में बिहार के पटना जिले में हुआ था। इन्होंने कोलकाता में मेडिकल की शिक्षा पूरी करने के बाद डॉ. राय ने एमआरसीपी और एफआरसीएस की उपाधि लंदन से प्राप्त की और फिर 1911 में उन्होंने भारत में चिकित्सकीय जीवन की शुरुआत की। इसके बाद डॉ रॉय कोलकाता मेडिकल कॉलेज में व्याख्याता बने। वहां से वे कैंपबैल मेडिकल स्कूल और फिर कारमिकेल मेडिकल कॉलेज गए।
इतने लंबे समय भारत के बेहतरीन फिजिशियन रहने के बाद बिधान चन्द्र रॉय राजनीति में आये और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सदस्य बने। इसके बाद डॉ रॉय ने पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री का पद संभाला।
उनके दूरदर्शी नेतृत्व के लिए पं. बंगाल राज्य का आर्किटेक्ट भी कहा जाता है। 1961 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया था। 80 वर्ष की आयु में 1962 में अपने जन्मदिन के दिन यानी 1 जुलाई को ही उनकी मृत्यु हो गई थी।
इस दिन के बाद भारत में डॉ विधान चन्द्र रॉय के सम्मान में राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस मनाया जाने लगा।
डॉक्टर्स आज ही नहीं हर विपत्ति जब हमें जीने के लिए उम्मीद नहीं होती ,तब तब डॉक्टर्स हमारी अंतिम उम्मीद हुए है शायद इसलिए ही भगवान के बाद डॉक्टर्स को ही भगवान का दर्जा दिया है।

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