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India China Face Off: India China dont need help – भारत चीन विवाद में किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं: रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव

भारत चीन विवाद में किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं:रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव

आज हुई विदेश मंत्रियों की वर्चुअल बैठक के दौरान भारत के पुराने दोस्त रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता का जोरदार तरीके से समर्थन किया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि आज हम संयुक्त राष्ट्र में सुधार की समस्या पर बात करते हैं और भारत इसका पूर्णकालिक सदस्य बनने का हकदार है और हम भारत की दावेदारी का पूरा समर्थन करते हैं।

भारत और चीन के विवाद में किसी तीसरे पक्ष की नहीं जरूरत

पूर्वी लद्दाख के गलवान में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास 15 जून को भारत और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के चलते दोनों पड़ोसी देशों के बीच इस वक्त तनाव चरम पर है। इस बीच सीमा पर भारत और चीन के बीच चल रहे विवाद पर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि भारत और चीन को बाहर से कोई मदद चाहिए। किसी को उनकी मदद करने की आवश्यकता नहीं है, खासकर जब यह देश के मुद्दों पर आता है। वे अपने विवाद को खुद के दम पर सुलझा सकते हैं। 

दोनो देशों ने रक्षा अधिकारियों, विदेश मंत्रियों के स्तर पर बैठकें शुरू कीं और दोनों पक्षों में से किसी ने भी ऐसा कोई बयान नहीं दिया, जिससे यह संकेत मिले कि उनमें से कोई भी गैर-कूटनीतिक तरीके से विवाद का समाधान चाहता है।इस दौरान उन्होंने डॉक्टर कोटनिस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर कोटनिस उन पांच भारतीय डॉक्टरों में शामिल थे जो दूसरे चीन-जापान युद्ध के दौरान वर्ष 1938 में चिकित्सा सहायता देने के लिए गए थे।

अगुआई करने वाले देश सहयोगियों का भी ध्यान रखें

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रही बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, ‘दुनिया की प्रमुख आवाजों को हर तरह से अनुकरणीय होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करना, साझेदारों के वैध हित को पहचानना, बहुपक्षवाद का समर्थन करना और अच्छाई को बढ़ावा देना ही एक टिकाऊ विश्व व्यवस्था का निर्माण करने का रास्ता है। उन्होंने यह भी कहा, ‘यह विशेष बैठक हमारे लंबे समय से चल रहे अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सिद्धांतों में विश्वास को दोहराती है, लेकिन आज चुनौती अवधारणाओं और मानदंडों की नहीं बल्कि समान रूप से इसपर अभ्यास की हैं।

2017 में तीनों देशों के विदेश मंत्री की आखिरी बैठक हुई थी 

भारत, रूस और चीन के विदेश मंत्रियों की आखिरी बैठक फरवरी 2017 में चीन के वुझेन शहर में हुई थी। तब भारत की विदेश मंत्री रहीं सुषमा स्वराज इसमें शामिल हुई थीं। यह बैठक भारत की ओर से पाकिस्तान के बालाकोट में किए गए एयरस्ट्राइक कुछ घंटे बाद हुई थी। इसमें सुषमा स्वराज ने चीन और रूस के विदेश मंत्री को भारत की ओर से पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर लिए गए एक्शन के बारे में बताया था।

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