सामग्री पर जाएं

COVID19: India-China border clashes along the Line of Actual Control LAC

वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ भारत-चीन सीमा पर एक नया संकट

भारत और चीन बॉर्डर (एलएसी) पर चीनी सैनिकों की बढ़ती गतिविधियों और भारतीय सैनिकों से हो रहे लगातार टकराव के बीच मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की शीर्ष अधिकारियों के साथ पूरे हालात की समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस जनरल बिपिन रावत व तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद रहे। प्रधानमंत्री की तरफ से बुलाई गई इस तरह की पहली बैठक से यह साफ हो गया है कि भारत किसी भी हालत से निपटने को तैयार है और सैन्य बल के सहारे दबाब बनाने की चीनी रणनीति को नाकाम किया जाएगा। हालांकि आपको बता दे कि दोनों में से किसी भी देश ने आधिकारिक तौर पर कोई भी टिपण्णी नही की है।

गौरतलब है की भारत और चीन के वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सैनिकों की बढ़ी उपस्थिति के बीच भारत के लद्दाख क्षेत्र के गालवन वैली पर चीनी दावे ने इस तनातनी में और इजाफा किया है। चीनी सरकार के मुख्य पत्र ग्लोबल टाइम्स ने लद्दाख में भारत के नियंत्रण वाले गालवन वैली में चीन के सैनिकों की घुसपैठ के सहारे इस समूचे क्षेत्र पर अपना दावा ठोकने की कोशिश की थी और साथ ही भारत को दबाव में लाने की की चाल के तहत सीमा पर सैन्य तनातनी में उकसाने वाली कार्रवाई से भारत को ही बचने की उलटी नसीहत दी है। जबकि हकीकत तो यह है कि मई की शुरूआत से ही चीनी सैनिक लद्दाख क्षेत्र में भारतीय निर्माण कार्यो को रोकने के लिए अतिक्रमण किये हुए हैं। और भारतीय सैनिक उनके साथ आमने-सामने के मुकाबला में डटे हुए हैं।

साथ ही उधर उत्तराखंड-हिमाचलप्रदेश के साथ चीन से जुड़े हार्सिल सेक्टर में भी चीनी सैनिकों की गतिविधियां बढ़ने की खबरें आ रही हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी इसकी किसी ने भी पुष्टि नहीं है। वैसे भारत भी लगातार इस बात का संकेत दे रहा है कि वह पूरे मामले में पीछे हटने को तैयार नहीं है। भारतीय सैन्य सूत्रों ने यह स्पष्ट किया है कि चीन के ऐतराज के बावजूद सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों व दूसरे निर्माण कार्य को जारी रखा जाएगा। लद्दाख सीमा के निकट भारतीय क्षेत्र में सड़कों और दूसरे आधारभूत ढांचों के निर्माण को रोकने के मकसद से ही चीनी सेना ने सीमा का अतिक्रमण कर तनातनी बढ़ाई है।

कल हुए बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख मनोज मुंकद नरवाने, वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया और नौसेना प्रमुख एडमिरल करमीबर सिंह के साथ लद्दाख क्षेत्र में चीन की सैन्य सरगर्मियों और तनाव के हालात पर गहन चर्चा की। सूत्रों का कहना है कि इसमें तय हुआ कि चीन की जानी मानी सैन्य नीति का डटकर मुकाबला करते हुए लद्दाख व दूसरे क्षेत्रों में चीनी सीमा के निकट सड़कों व ढांचों के निर्माण कार्य को भारत जारी रखेगा। बताया जा रहा है कि सेना को निर्माण से जुड़े कार्यो को आगे जारी रखने का निर्देश भी दे दिया गया है। माना जा रहा है कि भारत हरसंभव अपनी तैयारी को और भी पुख्ता करना चाहता है ताकि आने वाले किसी भी हालत से निपट सके।

इसी क्रम में सेना अध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे आज सेना भवन में बैठक कर रहे हैं।चीन की हरकतों को देखते हुए सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे अपने शीर्ष कमांडरों के साथ आज बैठक करने वाले हैं वहीं पूर्वी लद्दाख सीमा पर चीन के साथ जारी तनातनी के बीच भारत अपने सख्त रुख पर कायम है।

भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह चीन सीमा पर जारी निर्माण कार्य नहीं रोकेगा। इसके अलावा भारत सरकार ने सैनिकों की संख्या में भी इजाफा किया है।

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: